Saturday, December 21, 2019

मैंने शाम ले ली


सबने सुबह ले ली
मगर मैंने शाम ली
रंग तो वही गुलाबी थे
इसलिए मैंने सूखी पंखुड़ियां भी रख लीं
जिंदगी बस यही है
जिंदगी बस ऐसे ही जी सकते
जबसे इन बातों से किनारा कर लिया
रात का आकाश भी रौशन हो गया
बस हाथ ही तो बढ़ाना था
जिंदगी ने तुरन्त थाम लिया


Saturday, March 30, 2019

अति लघु कथाएं

1.
पूरी दुनिया अचानक हिल गई, सब कुछ बदल गया, हर एक चीज बदली हुई और भयावह लग रही थी। मेरी सांस फूल गई, माथे पर पसीने की बूंदें चमकने लगीं।
अचानक कनपटी पर हाथ गया, तो जान में जान आई, मैंने गलत चश्मा पहन लिया था!

2.
आपके रेट कुछ अजीब नहीं हैं? सेक्स के 2000, सिर्फ गले लगाने के 4000 और सिर्फ बात करने के 8000??
नहीं जी सही रेट हैं, जितना गहरे उतरेंगे दाम उतने बढ़ते जाएंगे, क्योंकि उतना ही ज्यादा रिस्क है।

Monday, February 11, 2019

कुछ अति लघु कथाएं

1
अ - कैसी थी वह बन्दी?
ब - ठीक थी, थोड़ी संवेदनशील थी, जैसे किसी कस्बे में या छोटे शहर में होते हैं न वैसी सी थी।

2
अ - ये जो ट्यूशन पढ़ रहा है, लड़का कैसा है?
ब - नामी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ता है लेकिन मुझसे इज्जत से बात करता है।

3
अ - दवा ली?
ब - नहीं बस आज ठीक से खाना खा लिया।

4
अ - ये नई मालिकन कैसी है?
ब - कमाल की औरत है! मैंने कहा बाथरूम जाना है तो बोली हां तो क्या हुआ किसी भी बाथरूम में चली जाओ।

5
अ - मैं समझती हूं हम तीन महीने बाद मिल रहे, लेकिन मेरे सर मैं बहुत तेज दर्द हो रहा, आज मैं सोफे पर सो जाऊँ?
ब - अरे सोफे पर क्यों क्या मेरे साथ तुम चैन से नहीं सो सकती?