Saturday, December 21, 2019

मैंने शाम ले ली


सबने सुबह ले ली
मगर मैंने शाम ली
रंग तो वही गुलाबी थे
इसलिए मैंने सूखी पंखुड़ियां भी रख लीं
जिंदगी बस यही है
जिंदगी बस ऐसे ही जी सकते
जबसे इन बातों से किनारा कर लिया
रात का आकाश भी रौशन हो गया
बस हाथ ही तो बढ़ाना था
जिंदगी ने तुरन्त थाम लिया